राबड़ी देवी नहीं खाली करेंगी सरकारी आवास,फिर से सरकार को लिखा पत्र
पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड आवास खाली करने का मिला 15 दिनों का अल्टीमेटम खत्म हो गया है. उनको 16 जून तक बंगला खाली करना था. समय सीमा समाप्त होने के बाद अब उन्होंने सरकार को पत्र लिखकर एक महीने का वक्त मांगा है.राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को आधिकारिक पत्र लिखकर एक महीने की मोहलत मांगी है. उन्होंने कहा कि उनके पति और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की तबीयत खराब है. लिहाजा मंत्रालय से गुजारिश है कि बंगला खाली करने के लिए उनको एक महीने का अतिरिक्त समय दिया जाए.पूर्व सीएम ने कहा कि डॉक्टरों की सलाह पर 10 सर्कुलर रोड में लालू यादव के लिए अलग से कमरे की व्यवस्था की गई है, क्योंकि उनको इन्फेक्शन का डर रहता है. राबड़ी ने आगे कहा कि नई जगह भी ऐसी ही व्यवस्था होने जाने के बाद वह नए आवास में शिफ्ट होंगी.लालू यादव जी को इंफेक्शन का डर है. इस वजह से डॉक्टरों ने उन्हें परिवार से अलग रहने की सलाह दी है. 10 सर्कुलर के आवास में डॉक्टर की सलाह पर लालू प्रसाद यादव के रहने के लिए अलग से एक कमरे का निर्माण किया गया था. अगर इसी तरह की व्यवस्था 39 हार्डिंग रोड के आवास में भी हो जाए तो वह शिफ्ट हो जाएंगी.”- राबड़ी देवी, नेता प्रतिपक्ष, बिहार विधान परिषदअसल में आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं.

दिसबंर 2022 में उन्होंने सिंगापुर में किडनी ट्रांसप्लांट करवाया था. उनकी दूसरी बेटी रोहिणी आचार्य ने किडनी डोनेट किया था. अभी हाल में वह चेकअप कराने वहां गए भी थे. उससे पहले अगस्त 2014 में मुंबई के एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट में ओपन पार्ट सर्जरी और सितंबर 2024 में इसी अस्पताल में एंजियोप्लास्टी हुई थी.पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की हैसियत से 39 हार्डिंग रोड स्थित बंगला आवंटित हुआ है, जबकि 10 सर्कुलर रोड आवास मंत्री नंदकिशोर राम को मिला है. राबड़ी ने घर खाली करने से इंकार कर दिया था. जिसके बाद 31 मई 2026 को पटना प्रशासन ने 15 दिनों में घर खाली करने का फाइनल अल्टीमेटम दिया था, जिसकी समय सीमा 15 जून को खत्म हो गई है.साल 2005 में नीतीश कुमार की सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड आवास आवंटित किया था. हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सीएम से बंगला वापस लेने का आदेश दिया लेकिन बिहार सरकार ने उनको नेता प्रतिपक्ष के तौर पर ये घर फिर से आवंटित कर दिया. लालू यादव और परिवार के अन्य सदस्य भी इसी घर में रहते हैं.