Blog

होर्मुज में किसी जहाज को नहीं गुजरने देगा अमेरिका,सेंट्रल कमांड का बड़ा ऐलान

होर्मुज में किसी जहाज को नहीं गुजरने देगा अमेरिका,सेंट्रल कमांड का बड़ा ऐलान
  • PublishedApril 13, 2026

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने परमाणु हथियारों के मुद्दे पर तेहरान के साथ शांति वार्ता विफल होने के कुछ घंटों बाद रविवार को बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों के प्रवेश या निकास को रोकने के लिए तत्काल नाकेबंदी शुरू करेगी. वहीं अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने तारीख और समय का भी ऐलान कर दिया है. अमेरिका के इस कदम से क्षेत्र में तनाव और बढ़ेगा.अमेरिकी केंद्रीय कमान ने कहा कि सेनाएं आज सुबह 10 बजे पूर्वी समय (ET) से राष्ट्रपति की घोषणा के अनुसार, ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले सभी समुद्री यातायात की नाकाबंदी शुरू कर देंगी. यह नाकाबंदी सभी देशों के जहाजों पर लागू होगी, जो ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में प्रवेश कर रहे हैं या वहां से निकल रहे हैं, जिसमें अरब सागर और ओमान की खाड़ी के सभी ईरानी बंदरगाह शामिल हैं.उन्होंने कहा कि CENTCOM की सेनाएं होर्मुज स्ट्रेट से गैर-ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों के लिए नौवहन की स्वतंत्रता में बाधा नहीं डालेंगी. नाकाबंदी शुरू होने से पहले एक औपचारिक सूचना के माध्यम से वाणिज्यिक नाविकों को अतिरिक्त जानकारी प्रदान की जाएगी. सभी नाविकों को सलाह दी जाती है कि वे नाविकों के लिए सूचना प्रसारणों पर नजर रखें और ओमान की खाड़ी और होर्मुज के आसपास परिचालन करते समय ब्रिज-टू-ब्रिज चैनल 16 पर अमेरिकी नौसेना बलों से संपर्क करें.ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने अमेरिकी नौसेना को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उन सभी जहाजों की पहचान करने और उन्हें रोकने का निर्देश दिया है, जिन्होंने ईरान को टोल का भुगतान किया है.

उन्होंने कहा कि जो कोई भी अवैध टोल का भुगतान करेगा, उसे समुद्र में सुरक्षित आवागमन की अनुमति नहीं मिलेगी. उन्होंने दावा किया कि अन्य देश भी होर्मुज स्ट्रेट की इस नाकेबंदी में शामिल होंगे.होर्मुज स्ट्रेट एक बेहद महत्वपूर्ण और संकरा समुद्री मार्ग है, जिसके जरिए दुनिया की कुल तेल आपूर्ति के लगभग 5वें हिस्से का परिवहन होता है. ट्रंप ने कहा था कि उन्हें पैसा चाहिए और उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्हें परमाणु चाहिए. इसके अतिरिक्त हम पूरी तरह से तैयार और मुस्तैद हैं और हमारी सेना उचित समय पर ईरान के बचे-खुचे हिस्से को भी पूरी तरह से नष्ट कर देगी.अमेरिका और इजराइल के बीच 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से, ईरान में कम से कम 3,000, लेबनान में 2,020, इजराइल में 23 और खाड़ी अरब देशों में 12 से अधिक लोग मारे गए हैं और पश्चिम एशिया के लगभग छह देशों में बुनियादी ढांचे को स्थायी नुकसान पहुंचा है. होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की पकड़ ने फारस की खाड़ी और उसके तेल और गैस निर्यात को वैश्विक अर्थव्यवस्था की पहुंच से काफी हद तक दूर कर दिया है, जिससे ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं.

Written By
Aagaaz Express

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *