केरलम के सीएम बने वीडी सतीशन,आज ली CM पद की शपथ
केरलम में आज से सत्ता की नई शुरुआत हुई है. वीडी सतीशन ने सीएम पद की शपथ ले ली है. वो राज्य के 13वें सीएम बने हैं. उनके साथ-साथ 20 विधायक भी मंत्री बने हैं. राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनियता की दिलाई. शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के कई दिग्गज नेता मौजूद थे.इसके अलावा कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, वामपंथी नेता और BJP के प्रतिनिधि भी समारोह में शामिल हुए. सतीशन के कैबिनेट में कुल 20 मंत्री हैं, इनमें से 14 नए चेहरे हैं. दो महिलाएं हैं. इसके अलावा दो अनुसूचित जाति से हैं. केरल में 9 अप्रैल को चुनाव हुए थे. नतीजे 4 मई को घोषित हुए थे. कांग्रेस के नेतृत्व में UDF ने 102 सीट जीतीं, जबकि LDF को 35 और भाजपा को तीन सीट मिलीं.कांग्रेस-63IUML-22CPM-26CPI-08केरल कांग्रेस-07RSP-03RMPI-01केरल कांग्रेस (जैकब)-01इससे पहले रविवार को उन्होंने मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले सदस्यों के नामों की घोषणा की. उन्होंने कहा कि गठबंधन के नेताओं के साथ चर्चा के बाद मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप दिया गया है. गठबंधन के भीतर सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखा गया है. सतीशन ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन और सनी जोसेफ को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा. राज्य में मुख्यमंत्री पद के लिए नामित वीडी सतीशन के नेतृत्व वाले नये मंत्रिमंडल में पार्टी के पांच मंत्री शामिल होंगे.आईयूएमएल प्रमुख पनाक्कड़ सादिक अली शिहाब थंगल ने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि नयी सरकार में पार्टी के पांच नेताओं को मंत्री पद सौंपने का फैसला लिया गया है, जिनमें पीके कुन्हालीकुट्टी, एन शम्सुद्दीन, केएम शाजी, पीके बशीर और वीई अब्दुल गफूर शामिल हैं.

ग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने वरिष्ठ विधायक थिरुवनचूर राधाकृष्णन को विधानसभा अध्यक्ष नामित करने का फैसला किया गया, जबकि शनिमोल उस्मान उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे.वीडी सतीशन ने कहा कि कांग्रेस को 63 सीटें मिलने के बावजूद कई योग्य नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल सकी. उन्होंने इसे राज्य में पार्टी की सबसे बड़ी जीत में से एक बताया. नामित मुख्यमंत्री ने कहा, सूची में शामिल और सूची से बाहर भी कई योग्य नेता हैं. लेकिन कांग्रेस जैसी पार्टी को ऐसे निर्णय लेते समय सामाजिक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और कई अन्य कारकों पर विचार करना होता है.उन्होंने कहा कि गठबंधन सहयोगियों के बीच विभागों के आवंटन पर चर्चा लगभग पूरी हो चुकी है, केवल कुछ मामूली मामले लंबित है. अंतिम सूची औपचारिक रूप से राज्यपाल को प्रस्तुत की जाएगी और अनुमोदन के बाद आधिकारिक राजपत्र के माध्यम से अधिसूचित की जाएगी.