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एक समुदाय को बनाया जा रहा है निशाना,बीजेपी सरकार पर भड़के ओवैसी

एक समुदाय को बनाया जा रहा है निशाना,बीजेपी सरकार पर भड़के ओवैसी
  • PublishedMay 30, 2026

देश में पिछले काफी समय से सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर विवाद होता आ रहा है. हाल ही में बकरीद के मौके पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा था कि सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाएगी. इस बीच ऑल ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी का बयान सामने आया है. उनका कहना है कि अगर सार्वजनिक सड़कों पर नमाज अदा करना नामंजूर है, तो यह नियम दूसरे धर्म से जुड़े आयोजनों के लिए होना चाहिए.AIMIM के अध्यक्ष ने कहा कि सड़कों पर नमाज के लिए तो नियम कानून बनाए गए हैं, वो सभी धर्मों के आयोजनों और धार्मिक कार्यक्रमों पर भी समान रूप से लागू होना चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी एक समुदाय के लिए अलग और दूसरे के लिए अलग मानदंड नहीं होने चाहिए, सभी के लिए एक मानदंड अपनाया जाना चाहिए.शुक्रवार (29 मई) को हैदराबाद स्थित AIMIM मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए ओवैसी ने आरोप लगाया कि देश में मुसलमानों को हाशिये पर धकेलने और उन्हें दोयम दर्जे का नागरिक बनाने की कोशिश की जा रही है.

उन्होंने साफ कहा कि अगर सड़कों पर नमाज पढ़ना गलत है तो सड़कों पर हर धर्म के त्योहारों के आयोजन गलत हैं. ये बात सभी धर्मों पर भी लागू होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि त्योहारों और धार्मिक गतिविधियों पर भी समान नियम लागू होने चाहिए.सभी धर्मों के लिए नियम लागू होना चाहिए’ओवैसी ने कहा कि अगर सड़क पर नमाज को गलत माना जाता है, तो फिर सड़कों पर आयोजित होने वाले सभी धार्मिक जुलूस, त्योहार और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए भी वही नियम लागू किए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों के इस्तेमाल को लेकर किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाना जाना गलत है.‘इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी के त्योहार पर मांस की दुकानें बंद होने की मांग की जाती है तो, रमजान के महीने में पूरे 30 दिन तक शराब की सभी दुकानें बंद की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि धार्मिक मामलों में सभी समुदायों के साथ एक जैसा व्यवहार होना चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि आखिर सड़कों पर नमाज में कितना वक्त लगता है?. उन्होंने कहा कि भारत देश मुसलमानों का भी है और वह अपने मुद्दों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से लड़ते रहेंगे.इसके साथ ही AIMIM चीफ ने ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार और तेल कंपनियों पर सवाल उठाए.उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट जैसे विभिन्न कारणों की वजह से कीमतें प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन रूस से सस्ते तेल के आयात के दौरान भारतीय कंपनियों को मुनाफा हुआ है. उन्होंने कहा कि इसके बारे में भी केंद्र सरकार सवाल पूछे जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि आम जनता पर बढ़ते ईंधन खर्च का बोझ कम करने के लिए पारदर्शिता जरूरी है.

Written By
Aagaaz Express

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