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अगले महीने भारत दौरा पर आ रही हैं जापानी PM,गुवाहाटी में होगी लंबी बातचीत

अगले महीने भारत दौरा पर आ रही हैं जापानी PM,गुवाहाटी में होगी लंबी बातचीत
  • PublishedJune 23, 2026

जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के अगले महीने भारत आने की संभावना है. प्रधानमंत्री के रूप में यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी. इस दौरान वह 1-3 जुलाई के बीच वह असम के गुवाहाटी का दौरा कर सकती हैं. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ताकाइची 50 बिजनेस लीडर्स के साथ भारत का दौरा करेंगी. उनके साथ यात्रा करने वाले अधिकारियों में सुज़ुकी मोटर के प्रेसिडेंट तोशिहिरो सुजुकी भी शामिल होंगे. इस दौरे के दौरान तकाइची असम में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ सालाना समिट में शामिल होंगी. इस दौरान दोनों देश आर्थिक सहयोग बढ़ाने और एक्ट ईस्ट नीति के तहत पूर्वोत्तर में निवेश पर चर्चा करेंगे. बता दें कि ताकाइची ने पिछले साल अक्टूबर में पीएम का पदभार संभाला था. इसके बाद यह उनकी भारत की पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी.सूत्रों के मुताबिक, गुवाहाटी को वेन्यू के रूप में इसलिए चुना गया है क्योंकि जापान भारत की एक्ट ईस्ट नीति के तहत नॉर्थ ईस्ट में परियोजनाओं पर काम कर रहा है. हालांकि, वैसे अगर देखा जाए तो आमतौर पर भारत आने वाले राष्ट्राध्यक्षों की मीटिंग राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में या तो अहमदाबाद में होती है. मगर यह बैठक गुवाहाटी में होने जा रही है.बता दें कि पिछले हफ्ते G7 समिट के दौरान पीएम मोदी ने फ्रांस में अपने जापानी समकक्ष से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने कहा कि ताकाइची के साथ उनकी शानदार बातचीत हुई. पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जापान व्यापार और निवेश को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को और मजबूत करना जारी रखेंगे.जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को दिसंबर 2019 में गुवाहाटी आना था. लेकिन उस समय सीएए और एनआरसी के खिलाफ हो विरोध प्रदर्शनों के चलते उनका यह दौरा रद्द हो गया था. बता दें कि शिंजो आबे को ताकाइची का गुरु माना जाता है. ताकाइची जब से जापान की प्रधानमंत्री बनी हैं, तब से पिछले 8 महीनों में उनकी और पीएम मोदी की कुछ बार मुलाकात हो चुकी है.पिछले साल अक्टूबर में पीएम मोदी ने ताकाइची से बात की थी. दोनों नेता आर्थिक सुरक्षा, डिफेंस सहयोग और दोनों देशों के बीच टैलेंट के लेन-देन को बढ़ाने पर सहमत हुए थे. इसके बाद नवंबर में दक्षिण अफ्रीका में हुए जी-20 समिट के दौरान भी दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी.

ताकाइची जापान की एक कट्टरपंथी रूढ़िवादी नेता हैं. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इशिबा की जगह ली.मैंक्रो-पीएम मोदी के साथ जापानी पीएम सनाए ताकाइचीजुलाई में जापान के ऊपरी सदन के चुनावों में वहां की पुरानी सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) की करारी हार हुई थी. इसके बाद पार्टी ने निचले सदन में भी अपना बहुमत खो दिया था. ताकाइची साल 1996 में एलडीपी पार्टी में शामिल हुईं. पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के कार्यकाल में वे पहली बार कैबिनेट मंत्री बनीं. इससे पहले वो ओकिनावा और नॉर्थ रीजन मामलों की राज्य मंत्री रह चुकी हैं.ताकाइची एलडीपी पार्टी की नीति अनुसंधान परिषद (पॉलिसी रिसर्च काउंसिल) का नेतृत्व करने वाली पहली महिला बनीं. इसके अलावा वे जापान की आंतरिक मामलों की मंत्री (होम मिनिस्टर) के रूप में सबसे लंबे समय तक काम करने वाली नेता भी हैं. 2022 से 2024 तक ताकाइची जापान की आर्थिक सुरक्षा मंत्री रहीं. पीएम के रूप में उनका कार्यकाल केवल उतने ही समय का होगा, जितना पूर्व प्रधानमंत्री इशिबा के तीन साल के कार्यकाल में से बचा हुआ था. अगस्त 2025 में पीएम मोदी ने जापान का दौरा किया था.इस दौरान उन्होंने तत्कालीन जापानी प्रधानमंत्री इशिबा से मुलाकात की थी. इस दौरान दोनों देशों ने रक्षा संबंधों और आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए 10 साल के रोडमैप सहित कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे. भारत को उम्मीद है कि जापान की नई पीएम ताकाइची भी इन वादों और समझौतों को जारी रखेंगी. भारत चाहता है कि नई पीएम भी आबे की पुरानी नीतियों पर चलें.

Written By
Aagaaz Express

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