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माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा,एंटी पेपर लीक बिल पास होते हीं छात्रों से पीएम मोदी का वादा

माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा,एंटी पेपर लीक बिल पास होते हीं छात्रों से पीएम मोदी का वादा
  • PublishedJuly 31, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संसद में पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत तरीकों की रोकथाम) अमेंडमेंट बिल, 2026 के पास होने का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि यह कानून एक भरोसेमंद एग्जामिनेशन सिस्टम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. उन्होंने दोहराया कि एग्जामिनेशन पेपर लीक में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा.राज्यसभा में बिल पास होने के बाद इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो मैसेज में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ट्रांसपेरेंसी पक्का करने और एग्जामिनेशन सिस्टम को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रही है. पीएम मोदी ने कहा, ‘दोस्तों, एक भरोसेमंद एग्जामिनेशन सिस्टम के लिए हम लगातार एक के बाद एक कदम उठा रहे हैं.चाहे ट्रांसपेरेंसी लाना हो, फास्ट ट्रैक बनाना हो, या राज्यों के सुझावों पर ध्यान देना हो. हर राज्य और केंद्र सरकार कई दशकों से इस तरह की पेपर लीक की परेशानी झेल रही है. इससे बच्चों के भविष्य पर भी संकट आ रहा है.’ उन्होंने कहा कि पूरे देश में एजुकेशन सिस्टम में सुधार जरूरी हो गए हैं और एग्जाम से जुड़ी गड़बड़ियों को रोकने के लिए टेक्नोलॉजी के ज़्यादा इस्तेमाल की जरूरत पर जोर दिया.उन्होंने कहा, ‘इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए सभी राज्यों के साथ-साथ केंद्र में भी देश भर में एजुकेशन सिस्टम में सुधार ज़रूरी हो गए हैं. टेक्नोलॉजी के भरपूर और उपयोगी इस्तेमाल की जरूरत है.’

प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि सरकार पेपर लीक रैकेट में शामिल लोगों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई करेगी.प्रधानमंत्री ने कहा, ‘अगर कोई पेपर माफिया, पेपर लीक करने वाला गैंग, देश के बच्चों के भविष्य के साथ खेलने वाला गैंग है – तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. इसलिए, कड़े कानूनों की भी जरूरत है.’ संसद में बिल पास होने का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कड़े कानूनी नियमों के साथ पास होने से पहले दोनों सदनों में इस वादे पर अच्छी तरह चर्चा की गई.उन्होंने कहा, ‘हम पार्लियामेंट में एक बिल लेकर गए थे, और जैसा कि मैंने आपसे वादा किया था, सिर्फ दो दिनों में पार्लियामेंट के दोनों सदनों ने जिसमें सबसे ज़्यादा सांसदों थे इस पर अच्छी तरह से चर्चा की. और आज दोनों सदनों ने कड़े कानूनी नियमों और क्लॉज के साथ इस बिल को पास कर दिया है.’इस कानून के पास होने को एक बड़ा मील का पत्थर बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार एग्जामिनेशन सिस्टम को मज़बूत करने के लिए काम करती रहेगी. उन्होंने कहा, ‘अब एक भरोसेमंद एग्जामिनेशन सिस्टम की तरफ बढ़ने का एक जरूरी काम पूरा हो गया है. काम आगे भी जारी रहेगा. हम ऐसे हालात को ज़्यादा दिन तक नहीं रहने देंगे. इसी भरोसे के साथ दोस्तों, आइए हम सब मिलकर एक डेवलप्ड इंडिया का सपना पूरा करने के लिए हाथ में हाथ डालकर चलें.’लोकसभा में मंजूरी के बाद पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत तरीकों की रोकथाम) अमेंडमेंट बिल, 2026, गुरुवार को राज्यसभा में पास हो गया. बिल में पब्लिक एग्जामिनेशन में चीटिंग और पेपर लीक को रोकने के लिए सख्त सजा, टाइम-बाउंड जांच और स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रस्ताव है.बिल को अब मंज़ूरी के लिए प्रेसिडेंट के पास भेजा जाएगा. राज्य सभा में बिल पास होने से पहले विपक्षी सांसद वॉकआउट कर गए. सदन में चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एजुकेशन सेक्टर में सरकार द्वारा उठाए गए कई कदमों पर रोशनी डाली, जिसमें नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 और देश भर में यूनिवर्सिटी की संख्या बढ़ाना शामिल है.सिंह ने कहा, ‘यह एक ऐसा मुद्दा है जो इस देश के हर माता-पिता, इस देश के हर परिवार से जुड़ा है. ये छोटे बच्चे देश के लिए एक बहुत बड़ा इन्वेस्टमेंट हैं.’ उन्होंने कहा कि एग्जामिनेशन सिस्टम को मजबूत करने के मकसद से उठाए गए कदमों से करीब 7.65 करोड़ स्टूडेंट्स पर असर पड़ेगा.उन्होंने कहा, ‘हमने इसे मैनेजमेंट कोटे की बुराई से आज़ाद कराने और मेडिकल एजुकेशन को और आसान बनाने की बहुत कोशिश की है.’ सिंह ने एनईपी 2020 को एजुकेशन सिस्टम के लिए गेम चेंजर भी बताया और कहा कि इसने स्टूडेंट्स को अपनी पढ़ाई का रास्ता चुनने में ज़्यादा आज़ादी दी है.उन्होंने कहा, ‘एजुकेशन सिस्टम का सबसे बड़ा गेम चेंजर एनईपी 2020 है क्योंकि इसने स्टूडेंट्स को उनके माता-पिता, गार्जियन और बड़ों की पसंद की गुलामी से आजाद किया है.’ उन्होंने कहा कि यह स्टूडेंट्स और युवाओं की भलाई और हितों की रक्षा के लिए सरकार के कमिटमेंट को पक्का करेगा. उन्होंने आगे कहा कि नए कानून के तहत, जांच दो महीने के अंदर पूरी करनी होगी, जबकि ट्रायल चार्जशीट फाइल होने के तीन महीने के अंदर खत्म करने होंगे.सिंह ने पेपर लीक को एक गंभीर मुद्दा बताया और कहा कि अलग-अलग राज्य सरकारों के साथ-साथ पिछली केंद्र सरकारों के तहत भी अलग-अलग राज्यों में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं. उन्होंने आगे कहा कि देश में यूनिवर्सिटी की संख्या 760 से बढ़कर 1,293 हो गई है और देश भर में 400 एकलव्य स्कूल चल रहे हैं.

Written By
Aagaaz Express

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