बांकीपुर उपचुनाव में कौन मारेगा बाजी? 34.16% वोटिंग ने बढ़ाई बीजेपी की धड़कन
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में कम वोटिंग का रिकॉर्ड बना रहा. चुनाव मैदान में ऐसे तो 25 उम्मीदवार थे लेकिन मुकाबला त्रिकोणीय ही रहा. अब प्रशांत किशोर की टीम की तरफ से भी दावा हो रहा है और तेजस्वी यादव भी जीत का दावा कर रहे हैं, जबकि बीजेपी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है. हालांकि कम मतदान प्रतिशत के कारण सभी दलों की चिंता बढ़ी हुई है. भारतीय जनता पार्टी ने नीरज कुमार सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि राष्ट्रीय जनता दल ने एक बार फिर रेखा गुप्ता पर दांव खेला है. वहीं जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर खुद ही मैदान में हैं. ऐसे में मुकाबला बेहद दिलचस्प है.उपचुनाव का वोटिंग ट्रेंड को देखें तो 7:00 बजे से वोटिंग शुरू हुई थी और 9:00 बजे तक वोटिंग केवल 4.61% हुई. 11:00 बजे तक 11.50%, दोपहर 1:00 बजे तक 20.01%, 3:00 बजे तक 27.8 2% और 5 बजे तक 33.57% मतदान दर्ज हुआ.

चुनाव आयोग के मुताबिक शाम 6:00 बजे तक 34.16% वोटिंग हुई है.तीन लाख 79 हजार से अधिक वोटर वाले बांकीपुर विधानसभा में पिछले चार विधानसभा चुनाव के वोटिंग प्रतिशत के आंकड़े को देखें तो सबसे अधिक 2025 विधानसभा चुनाव में ही वोटिंग हुई. हालांकि वह भी 41% के करीब ही थी. उससे पहले हुए तीन विधानसभा चुनाव में हमेशा वोटिंग प्रतिशत 40% या उससे कम रहा. 2008 में पटना पश्चिम परिसीमन के बाद बांकीपुर सीट बनी और तब से कम वोटिंग के बावजूद भाजपा के नितिन नबीन लगातार चुनाव जीतते रहे और हर बार जीतने का रिकॉर्ड बनाया. राजनीतिक विशेषज्ञ प्रवीण बागी का कहना है कि बांकीपुर सबसे शिक्षित विधानसभा सीट में से एक है लेकिन काम वोटिंग का एक बड़ा कारण बड़ी संख्या में यहां के लोग बिहार से बाहर नौकरी करते हैं. इसके अलावे उप चुनाव में हमेशा कम वोटिंग होती है और लोगों में कोई खास उत्साह भी नहीं था.कम वोटिंग के बावजूद भाजपा हमेशा यहां से अच्छे मार्जिन से चुनाव जीती रही है. इस बार भी बीजेपी को अधिकांश कायस्थ वोट मिला है. हालांकि दूसरे अपर कास्ट (ब्राह्मण-भूमिहार और राजपूत) वोट में जरूर बंटवारा हुआ है. बीजेपी का कोर वोटर बनिया भी माना जाता है लेकिन उसमें भी बंटवारा हुआ है. अति पिछड़ा वोट बीजेपी को फिर से मिला है, साथ ही लव-कुश वोट भी मिला है.बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन के राज्यसभा सांसद बनने के बाद खाली हुई सीट पर हुए उपचुनाव हुए हैं. ऐसे में नितिन नबीन के साथ-साथ प्रशांत किशोर की चुनावी राजनीति की शुरुआत के कारण पूरे देश की नजर इस सीट पर है. चुनाव प्रचार में बीजेपी ने अपने दिग्गज नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा था. प्रशांत किशोर ने भी चुनाव प्रचार में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी. वहीं अंतिम तीन दिनों में तेजस्वी यादव ने भी अपनी ताकत झोंक दी.बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का रिजल्ट 3 अगस्त को आएगा, तभी तस्वीर साफ होगी. वैसे कम वोटिंग को लेकर एक बार फिर से बांकीपुर चर्चा में है और चुनाव आयोग के लिए भी एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि बांकीपुर विधानसभा चुनाव में बिहार के सबसे शिक्षित वोटर होने की बात कही जाती है.