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दलित,पिछड़े और अल्पसंख्यकों को मिले 75% आरक्षण,पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने उठाई मांग

  • PublishedSeptember 7, 2026

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने जाति जनगणना लागू करने और दलितों, पिछड़े समुदायों और अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण को बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आबादी के आधार पर समान अवसर मिले बिना बराबरी वाला समाज नहीं बनाया जा सकता। कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग महासंघ के सिल्वर जुबली समारोह में बोलते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि जाति सर्वेक्षण रिपोर्ट को लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर समुदाय की आबादी के हिसाब से आरक्षण दिया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि जब सभी को उनकी जाति और आबादी के हिसाब से आरक्षण मिलेगा, तभी एक बराबरी वाला समाज बन पाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक बराबरी पाने के लिए लोकसभा और विधानसभा में भी जाति और आबादी के आधार पर ऐसा ही आरक्षण ज़रूरी है। सिद्धारमैया ने कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर उनके पिछले कार्यकाल में हुए जाति सर्वे को लागू किया जाना चाहिए। वे मधुसूदन नाइक की अध्यक्षता वाले पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट का भी ज़िक्र किया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने से पहले ही उन्होंने यह रिपोर्ट स्वीकार कर ली थी।सिद्धारमैया ने कहा कि अभी कोर्ट के आदेश की वजह से इस रिपोर्ट को लागू करने या सार्वजनिक करने से रोका गया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने यह बात फेडरेशन के अध्यक्ष रामचंद्रप्पा तक पहुंचा दी है। सिद्धारमैया ने कहा कि यह सर्वे ज़रूरी था क्योंकि पिछड़े समुदायों की आबादी के बारे में कोई सही आंकड़े नहीं थे। उन्होंने याद दिलाया कि 2013 में मुख्यमंत्री बनने पर उन्होंने सर्वे का आदेश दिया था, लेकिन उनके कार्यकाल में रिपोर्ट पूरी नहीं हो पाई थी। सिद्धारमैया ने कहा कि जाति व्यवस्था के ख़िलाफ़ संघर्ष तब तक जारी रहना चाहिए जब तक बराबरी और समान अवसर न मिल जाएं। उन्होंने कहा, “जब तक समाज में जाति व्यवस्था है, जब तक बराबरी वाला समाज नहीं बनता और जब तक सभी को समान अवसर नहीं मिलते, तब तक संघर्ष जारी रहना चाहिए।” पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐतिहासिक रूप से जाति व्यवस्था ने समाज के बड़े हिस्से को शिक्षा और अवसरों से वंचित रखा है। सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने खुद आरक्षण न होने का अनुभव किया है और दावा किया कि शिक्षा और रोज़गार में आरक्षण से पिछड़े समुदायों के लिए अवसर बढ़े हैं।

Written By
Aagaaz Express

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