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राम मंदिर के पुजारियों के लिए नई नियम जारी,मोबाइल पर बैन के साथ परिधान-तिलक पर देना होगा ध्यान

राम मंदिर के पुजारियों के लिए नई नियम जारी,मोबाइल पर बैन के साथ परिधान-तिलक पर देना होगा ध्यान
  • PublishedSeptember 14, 2026

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति की 3 दिवसीय बैठक कल रविवार को शुरू हो चुकी है. समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने निर्माणाधीन स्मारक स्तंभ और पुराने अस्थायी मंदिर में सौंदर्यीकरण कार्य का निरीक्षण किया. इस बीच राम मंदिर में पुजारियों के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है. नई व्यवस्था के तहत पुजारियों के कपड़ों, तिलक, क्षौर (पंचकेशी का पालन) और शुचिता को लेकर कई तरह के अहम निर्देश दिए गए हैं. साथ ही मंदिर के गर्भगृह में मोबाइल फोन ले जाने पर भी रोक लगा दी गई है.चंदा चोरी विवाद के बाद राम मंदिर में हर तरह की पुरानी व्यवस्था में बदलाव किए जा रहे हैं. पुजारियों के लिए नए तरह के निर्देश जारी किए गए हैं. पुजारियों को अब राम मंदिर के गर्भगृह में मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगा दी गई है. पंचकेशी (क्षौर) का पालन करना अनिवार्य होगा. साथ धर्म समिति की ओर से तय वस्त्रों को ही पहनना होगा.नए निर्देश में यह भी कहा गया है कि शौच के बाद बिना स्नान किए मंदिर या कोठार में आने की अनुमति नहीं होगी. मंदिर परिसर में रहने के दौरान तिलक लगाना अनिवार्य होगा. साथ ही यह भी कहा गया है कि पुजारियों को मंदिर व्यवस्था, धर्मगुरु और आचार्यों के अतिरिक्त परिसर के अन्य कर्मचारियों जैसे ट्रस्ट के कार्यकर्ता, सुरक्षा के लोगों से अपनी ड्यूटी के दौरान किसी तरह के कोई संपर्क या बातचीत नहीं करनी होगी.

मर्यादा का ख्याल रखना होगा.पुजारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि मंदिर में रहने के दौरान आपस में लगातार बातचीत, क्रिया-प्रतिक्रिया, समूह में बातचीत या फिर हंसी-मजाक से दूर रहना होगा. उन्हें यह भी कहा गया है कि किसी तरह की कोई घटना होने पर स्थिति को शांति से संभालने की कोशिश करनी चाहिए, और जिम्मेदार लोगों से सहयोग लेना चाहिए.उन्हें यह निर्देश भी दिया गया है कि किसी तरह के असहयोग और असंतुष्टि पर आचार्य से संपर्क करें और उनसे सलाह-मशविरा लिया जाना चाहिए. सेवाकाल के दौरान अपने समय पालन और निर्धारित स्थल पर रहने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा सेवाकाल खत्म होने पर अपने सहयोगियों को लिखित में समीक्षा देनी होगी.मंदिर प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए भोग प्रसाद के अलावा बाहर से किसी भी सामग्री को गर्भगृह में ले जाने पर भी रोक लगा दी गई है.आचार्य इंद्रदेव मिश्रा का कहना है कि रामानंदी परंपरा के अनुसार राम मंदिर में पूजन-अर्चन कराया जा रहा है. राम मंदिर के व्यवस्थापक का कहना है कि पुजारियों को किसी तरह का कोई विशेष आदेश या सनद जारी नहीं किया गया है बल्कि पूजा-अर्चना की मर्यादा और व्यवस्था की जानकारी दी गई है. कृष्ण जन्माष्टमी से राम मंदिर में आरती की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है.दूसरी ओर, अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति की 3 दिवसीय बैठक रविवार से शुरू हो गई. ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों ने बताया कि स्मारक स्तंभ का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है. समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने स्थल पर जाकर कार्यों की समीक्षा की. बाद में उन्होंने श्रद्धालु सुविधा केंद्र (पीएफसी) के सभागार में निर्माण और अन्य संबंधित परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों और प्रतिनिधियों के साथ लंबी बैठक की.सूत्रों का कहना है कि मंदिर निर्माण एजेंसियों के साथ मंदिर और उससे जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति, तकनीकी पहलुओं और आगामी कार्यों की समीक्षा के लिए कल और आज 2 दिन बैठक की जा रही हैं. बैठकों में मंदिर परिसर के चारों ओर करीब 4 किलोमीटर लंबी बाहरी सुरक्षा दीवार के निर्माण पर भी चर्चा होने की संभावना है. समिति की बैठक 15 सितंबर को राम कथा संग्रहालय में होगी. इस बैठक में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रिटायर एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्रा के पहली बार इस बैठक में शामिल होने की संभावना है.

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Aagaaz Express

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