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नंदीग्राम उपचुनाव में बीजेपी का फिर से बजेगा डंका,विपक्ष दिख रहा बेहद कमजोर

नंदीग्राम उपचुनाव में बीजेपी का फिर से बजेगा डंका,विपक्ष दिख रहा बेहद कमजोर
  • PublishedSeptember 19, 2026

पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया यानी कि NCPI की सांसद सायोनी घोष ने मौजूदा राजनीतिक स्थिति को लेकर अपनी राय रखी है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को ‘एकजुट और अनुशासित पार्टी’ बताया, जबकि विपक्षी खेमे में ‘गंभीर भ्रम’ होने की बात कही। घोष ने कहा कि लोगों ने समझ लिया है कि मौजूदा समय में विपक्ष पर ज्यादा भरोसा नहीं किया जा सकता।आगामी उपचुनावों को लेकर सायोनी घोष ने कहा कि आमतौर पर उपचुनावों में मतदाताओं का झुकाव सत्ता में मौजूद पार्टी की ओर देखने को मिलता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि जीत उस उम्मीदवार की होनी चाहिए जो जनता के लिए काम करे। उन्होंने कहा,आमतौर पर हम देखते हैं कि उपचुनावों में सत्ता में रहने वाली पार्टी के प्रति लोगों का झुकाव होता है। लेकिन जो सबसे अच्छा उम्मीदवार हो, जो लोगों के लिए काम करे, वही जीते।’उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में उपचुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं।सायोनी घोष इससे पहले कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच बेहतर तालमेल की उम्मीद जता चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को TMC के साथ आना चाहिए और दोनों दलों के बीच वास्तविक साझेदारी बननी चाहिए।

उन्होंने कहा,’मैं उम्मीद करूंगी कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस, TMC के साथ गठबंधन करे। अगर ऐसा होता है तो इससे एक मजबूत राजनीतिक संदेश जाएगा कि यह गठबंधन वास्तव में एक सच्ची साझेदारी है, न कि केवल नाम भर का गठबंधन।’नंदीग्राम से कांग्रेस द्वारा मिलन प्रधान को उम्मीदवार बनाए जाने और उनके खिलाफ कथित कानूनी मामलों से जुड़े सवाल पर भी घोष ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,’जहां तक मुझे कल तक जानकारी थी, उनके खिलाफ कुछ मामले लंबित थे। यह राजनीति है और राजनीति में चुनाव से पहले यह देखना पड़ता है कि कौन से फैसले लिए जा सकते हैं या कौन सी कार्रवाई शुरू हो सकती है।’उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों को कानूनी रास्ता अपनाने का अधिकार है। उनके मुताबिक, कोई भी पार्टी चुनाव आयोग या अदालत का रुख कर सकती है।शुभेंदु अधिकारी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव जीता था। बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम सीट छोड़ दी। इसी वजह से यहां उपचुनाव कराया जा रहा है। नंदीग्राम का बंगाल की राजनीति में खास महत्व है। 2007 में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ हुआ आंदोलन यहां की राजनीति का एक अहम अध्याय बना था। यह सीट ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी, दोनों की राजनीतिक यात्रा से भी जुड़ी रही है।नंदीग्राम उपचुनाव में BJP ने हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने मिलन प्रधान को टिकट दिया है, जबकि CPI ने शांति गोपाल गिरि को मैदान में उतारा है। वहीं, TMC के ममता बनर्जी गुट ने पहले संचिता प्रधान डे को नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, 18 सितंबर को उन्होंने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। इसके बाद कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को TMC की ओर से समर्थन मिलने की खबर सामने आई। रेजीनगर सीट पर भी मुकाबला दिलचस्प है। BJP ने शाखारव सरकार, कांग्रेस ने मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी, जबकि CPI(M) ने सैयद असद अली को उम्मीदवार बनाया है।नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा। वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को की जाएगी। चुनाव की पूरी प्रक्रिया 11 अक्टूबर तक पूरी होने की समयसीमा तय की गई है।

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Aagaaz Express

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