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इस राज्य में 45 हजार शिक्षकों की होगी भर्ती,स्कूलों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

इस राज्य में 45 हजार शिक्षकों की होगी भर्ती,स्कूलों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
  • PublishedSeptember 6, 2026

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शिक्षक दिवस के मौके पर राज्य की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए. कटक में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अगले तीन वर्षों में राज्य के स्कूलों में 45 हजार टिचर्स की भर्ती की जाएगी. सरकार का लक्ष्य स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के साथ पढ़ाई की क्वालिटी को बेहतर करना है. सीएम ने छात्रों से सोशल मीडिया और रील्स में समय गंवाने के बजाय पढ़ाई और करियर पर ध्यान देने की अपील की. इसके साथ ही उन्होंने फ्री एजुकेशन, आदर्श स्कूलों और आदिवासी छात्रों के लिए चल रही योजनाओं की जानकारी भी दी.कटक के सेकेंडरी बोर्ड हाई स्कूल मैदान में आयोजित शिक्षक दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शिक्षकों और छात्रों को संबोधित किया. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अगले तीन साल में 45 हजार शिक्षकों के खाली पदों को भरने की तैयारी कर रही है. सरकार का कहना है कि इससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी कम होगी और स्टूडेंट्स को बेहतर एजुकेशन मिल सकेगी.मुख्यमंत्री ने छात्रों को सोशल मीडिया की बढ़ती आदत को लेकर भी सावधान किया.

उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को रील्स और लगातार स्क्रॉलिंग में अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहिए. इसके बजाय उन्हें पढ़ाई, स्किल्स और फ्यूचर की तैयारी पर ध्यान देना चाहिए.कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि दी और गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर बात की. इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले शिक्षकों को सम्मानित भी किया गया.माझी ने बताया कि ओडिशा में केजी से पीजी तक शिक्षा मुफ्त करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. इसके अलावा 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से 2,200 गोदावरीश मिश्र आदर्श प्राथमिक विद्यालयों को आधुनिक मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है. राज्य में 45 हजार नर्सरी स्कूल भी खोले गए हैं. नौवीं और दसवीं के स्टूडेंट्स के लिए मिड-डे मील और मुफ्त किताबों की सुविधा जारी है.आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए शहीद माधो सिंह हाथ खर्चा योजना भी चलाई जा रही है. इसका उद्देश्य आर्थिक परेशानियों के कारण स्कूल छोड़ने वाले छात्रों की संख्या कम करना है.

Written By
Aagaaz Express

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